29 अगस्त 2026
कभी अपने छोटे-से व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली श्रीमती कमलेश यादव आज आत्मनिर्भरता और सफलता की मिसाल बन चुकी हैं। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत मंझगवा की कमलेश यादव वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनी मेहनत को नई दिशा दी। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद कमलेश को आरएफ, सीआईएफ और बैंक लोन के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिला। इस सहयोग का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने चिकन स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। इसके साथ ही वे सिलाई का कार्य भी कर रही हैं। आय के दो साधनों ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कमलेश की मेहनत, लगन और सही अवसरों के मेल का परिणाम है कि आज उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है। अपनी इस उपलब्धि के साथ वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं। कमलेश यादव का कहना है कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। समूह के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने का अवसर दिया। अपनी सफलता के लिए कमलेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिल रहा सहयोग उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर रहा है। कमलेश यादव की कहानी आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है कि स्वसहायता समूह से जुड़कर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ जा सकता है, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बनाई जा सकती है।





