केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद यात्री रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी

 20 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी अवसर पर ताड़ोकी – रावघाट तथा अभनपुर – कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया और रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय

ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नई रेल सेवाओं से इन क्षेत्रों का राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख केंद्रों से संपर्क बेहतर होगा तथा आवागमन के साथ व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार का अभूतपूर्व दौर चल रहा है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों तक पहुँचे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहली बार रेल पहुँचना केवल एक रेल परियोजना की पूर्णता नहीं, बल्कि बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुलना है। रेल जहाँ पहुँचती है, वहाँ विकास की गति बढ़ती है। इससे लोगों का आवागमन आसान होता है, बाजारों तक पहुँच बढ़ती है, उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहन मिलता है तथा युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर निर्मित होते हैं।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदेश को मिली यह सौगात छत्तीसगढ़ के लिए विशेष प्रसन्नता और गौरव का विषय है। रावघाट – रायपुर और रायपुर – कुरूद रेल सेवाएँ प्रदेश की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ विकास के नए द्वार खोलेंगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में रेल अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश

केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 54 हजार करोड़ रुपए की रेल विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस वर्ष रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 7,470 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।

उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होना और रावघाट – रायपुर तथा रायपुर – कुरूद यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत इसी व्यापक विकास यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही रावघाट – जगदलपुर – कोरापुट – विशाखापत्तनम रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख रेल नेटवर्क और आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी।

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुँची रेल

दल्लीराजहरा – रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1,628 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हो गया है।

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुँचना बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस रेल संपर्क के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को राजधानी एवं अन्य प्रमुख केंद्रों से जोड़ने का मार्ग और सुदृढ़ हुआ है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार एवं औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

रायपुर – कुरूद रेल सेवा से धमतरी तक ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम

अभनपुर – धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। इसके साथ रायपुर से कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहले रायपुर और धमतरी के बीच नैरो गेज रेल सेवा संचालित होती थी। अब इस रेलमार्ग को ब्रॉडगेज में परिवर्तित किए जाने से यात्रियों को आधुनिक और बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कुरूद से धमतरी तक शेष कार्य पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का मार्ग और प्रशस्त होगा।

2014 के बाद छत्तीसगढ़ में बिछाई गईं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास की तस्वीर तेजी से बदली है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय छत्तीसगढ़ को रेलवे विकास के लिए प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपए का बजट मिलता था, जबकि आज यह बढ़कर सात हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में लगभग 32 किलोमीटर नई रेल लाइन का विस्तार हुआ था, जबकि वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में लगभग 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं। यह परिवर्तन बताता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के रेल विकास को कितनी बड़ी प्राथमिकता मिली है।

उन्होंने कहा कि रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ नई रेल लाइन, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है।

32 रेलवे स्टेशनों का हो रहा विश्वस्तरीय विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इनमें से आठ रेलवे स्टेशन विकसित होकर तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं, बेहतर परिसर और सुविधाजनक वातावरण के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं का विस्तार नहीं हैं, बल्कि ये संबंधित शहरों में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। प्रदेश में विकसित हो रही नई रेल अधोसंरचना आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी

कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। इस अत्याधुनिक सुविधा के विकसित होने पर भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।

इस सुविधा से रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था और बेहतर होगी, रेल परिचालन क्षमता बढ़ेगी तथा माल परिवहन की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को रेलवे की आधुनिक तकनीकी एवं मेंटेनेंस अधोसंरचना के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।

नई रेल परियोजनाओं से दूरस्थ अंचलों तक पहुँचेगा विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार और नई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खरसिया – परमालकसा, रावघाट – जगदलपुर तथा डोंगरगढ़ – कटघोरा सहित विभिन्न रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में रेल संपर्क और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पत्थलगांव से लोहरदगा क्षेत्र की ओर रेल संपर्क विस्तार की मांग को विशेष पैकेज में शामिल किए जाने के लिए भी केंद्रीय रेल मंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भौगोलिक दृष्टि से विशाल प्रदेश है और यहां बड़ी जनसंख्या दूरस्थ, वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे क्षेत्रों तक रेल नेटवर्क का विस्तार नागरिकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने वाला है। रेल संपर्क बढ़ने से विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, किसानों और उत्पादकों को बड़े बाजारों तथा युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुँचने में आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास के लाभ को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना है और आधुनिक परिवहन अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास की नई यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली, दूरसंचार और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। रावघाट तक रेल का पहुँचना इस परिवर्तनकारी यात्रा को और गति देगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को देश-दुनिया तक नई पहचान मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में सुविधा होगी और पर्यटन, व्यापार तथा औद्योगिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएँ विकसित होंगी।

विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ को मिली विकास की बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विजयादशमी सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का पावन पर्व है। ऐसे शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ को नई रेल सेवाओं और आधुनिक रेल अधोसंरचना की सौगात मिलना हम सभी के लिए आनंद और गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि रावघाट तक पहुँची रेल विकास की नई यात्रा की शुरुआत है। आने वाले समय में प्रदेश के और अधिक दूरस्थ क्षेत्रों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़कर छत्तीसगढ़ को बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत अर्थव्यवस्था और व्यापक अवसरों वाला विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद एवं विधायक श्री विक्रम उसेंडी,  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधिगण नागरिक उपस्थित थे।