राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि
देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।



