


वर्षा ऋतु के आगमन के साथ संभावित जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जिला में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडों में मितानिनों के सहयोग से जल स्रोतों के शुद्धिकरण का कार्य तेज किया गया है। अब तक लगभग तीन हजार कुओं का शुद्धिकरण किया जा चुका है, जबकि शेष जल स्रोतों में भी यह कार्य लगातार जारी है। संवेदनशील और दुर्गम ग्रामों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित बीमारी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और मितानिनों की संयुक्त टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक तथा अन्य चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने, घरों के आसपास जलभराव नहीं होने देने तथा कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और पुराने टायरों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने टायफाइड को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। डॉ. सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण टायफाइड के मामलों में वृद्धि की आशंका रहती है। तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने और लगातार दो से पांच दिनों तक बुखार रहने पर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी गई है।
मौसम परिवर्तन के दौरान वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और शरीर दर्द जैसी समस्याओं के बढ़ने की संभावना को देखते हुए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भोजन से पहले हाथ धोने, उबला अथवा फिल्टर किया हुआ पानी पीने, बासी एवं दूषित खाद्य पदार्थों से बचने, खाद्य सामग्री को ढंककर रखने तथा ताजे और मौसमी फलों को आहार में शामिल करने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने आमजन से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वयं और अपने परिवार को मौसमी एवं जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।









