
छत्तीसगढ में 29 जून से 6 जुलाई तक ‘सहकारिता सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा हैस इसका मुख्य उद्देश्य किसानों, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है स राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अवसर पर सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की विभिन्न प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में सहकारिता ध्वजारोहण कार्यक्रम अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सहसपुर समिति में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अंचल के अनेक जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों और वक्ताओं ने सहकारिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सोसायटियों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और सशक्त बनाना ही शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
पारदर्शिता के लिए किया गया उप-नियमों का वाचन
ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात सभी समितियों में विशेष सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में उपस्थित किसानों और समिति के सदस्यों के समक्ष संस्था के उप-नियमों का विस्तार से वाचन कर उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को समिति के नियमों, उनके अधिकारों और सहकारी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था, ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ सहकारिता के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाया जा सके।
इस गरिमापूर्ण अवसर पर सहकारी समितियों के प्रबंधक, संचालक मंडल के सदस्य, स्थानीय ग्रामीण जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के प्रगतिशील किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।









