मेगा स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों का सम्मान, 100 श्रवण यंत्र और 150 वॉकिंग स्टिक बांटीं

मेगा स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों का सम्मान, 100 श्रवण यंत्र और 150 वॉकिंग स्टिक बांटीं

बुजुर्गों के सम्मान से लेकर सहारे तक… मेगा स्वास्थ्य शिविर में एक ही जगह जांच, इलाज और सहायक उपकरण

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर शॉल-माला से सम्मान; जरूरतमंदों को वॉकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर, 450 से अधिक लोगों की आंखों की जांच

बुजुर्गों के सम्मान से लेकर सहारे तक... मेगा स्वास्थ्य शिविर में एक ही जगह जांच, इलाज और सहायक उपकरण
बुजुर्गों के सम्मान से लेकर सहारे तक... मेगा स्वास्थ्य शिविर में एक ही जगह जांच, इलाज और सहायक उपकरण

उम्र के इस पड़ाव पर जब सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बुजुर्गों के सम्मान के साथ उनके स्वास्थ्य और स्वावलंबन की चिंता भी की गई। पोड़ी चिरमिरी के मंगल भवन में आयोजित दो दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुजुर्गों को शॉल और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। जरूरतमंद वृद्धजनों को वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

महापौर रामनरेश राय की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति समाज की जिम्मेदारी का संदेश दिया।

100 श्रवण यंत्र, 150 वॉकिंग स्टिक बांटीं

     30 सितंबर से शुरू हुए इस मेगा शिविर में स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। पात्रता और चिकित्सकीय जांच के आधार पर जरूरतमंदों को श्रवण यंत्र, वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर सहित विभिन्न उपकरण दिए जा रहे हैं। शिविर में अब तक करीब 100 श्रवण यंत्र और 150 वॉकिंग स्टिक वितरित की जा चुकी हैं। वहीं 450 से अधिक लोगों की दृष्टि जांच की गई है। जांच के आधार पर जरूरतमंदों को चश्मे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद नागरिकों के लिए चलने-फिरने, दैनिक गतिविधियां करने और संवाद स्थापित करने में सहूलियत होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर रामनरेश राय ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि परिवार और समाज की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवारों से बुजुर्गों की देखभाल और उनकी जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और सहायक उपकरण उपलब्ध होने से जरूरतमंद नागरिकों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि शिविर में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान के साथ सहायक उपकरणों की आवश्यकता का आकलन भी किया जा रहा है। चिकित्सकीय परामर्श के बाद आवश्यकता होने पर आगे के उपचार और रेफरल की व्यवस्था में भी सहयोग दिया जा रहा है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के तहत स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।

समाज कल्याण विभाग की अंजना बेक ने वृद्धाश्रम संबंधी व्यवस्थाओं तथा पात्र वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग का फोकस बुजुर्गों की देखभाल के साथ उनके दैनिक जीवन को अधिक सुगम और आत्मनिर्भर बनाने पर भी है। यह शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। यहां बुजुर्गों को सिर्फ सम्मान नहीं मिला, बल्कि उनकी जरूरत के मुताबिक जांच, परामर्श और सहारे के साधन भी एक ही जगह उपलब्ध कराए गए।

     कार्यक्रम में सभापति संतोष सिंह, डॉ. स्वप्निल तिवारी, डॉ. जमुना प्रसाद आर्य, राजकुमार राजवाड़े, अवनीश पांडेय, सुषमा पांडेय, किरण पांडेय सहित स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।